
कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी 03 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है
गणेश पूजा से बाधाएं दूर होती हैं, अन्न-धन दान करें
संकष्टी चतुर्थी का महत्व
संकष्टी के दिन गणपति की पूजा करने से घर से नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं और शांति बनी रहती है। ऐसा कहा जाता है कि गणेश जी घर में आ रही सारी विपदाओं को दूर करते हैं और व्यक्ति की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। चन्द्र दर्शन भी चतुर्थी के दिन बहुत शुभ माना जाता है। सूर्योदय से प्रारम्भ होने वाला यह व्रत चंद्र दर्शन के बाद संपन्न होता है। पूरे साल में संकष्टी चतुर्थी के 13 व्रत रखे जाते हैं। सभी व्रत के लिए एक अलग व्रत कथा है।
महत्वपूर्ण जानकारी:
संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है, जो सभी संकटों और बाधाओं को दूर करते हैं।
इस व्रत का समापन रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही किया जाता है।


