जन्माष्टमी सिर्फ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव नही, यह हमारे जीवन में खुशी, धन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने का एक सुनहरा अवसर भी है। सही समय पर और श्रद्धा से किए गए कुछ उपाय घर में विघ्न-शांति और समृद्धि लेकर आते हैं। आइए जानें 7 ऐसे प्रभावशाली उपाय:

- पीली या हल्की हरी सजावट अपनाएं:
- जैनमाष्टमी के दिन मंदिर या घर के मुख्य पूजा स्थल में पीले व हरे रंग की सजावट करें जैसे फूल, कपड़ा या मोरपंख।
- क्योंकि यह रंग भगवान कृष्ण की पसंदीदा रंग माने जाते हैं और ऊर्जा में सकारात्मकता लाने का माध्यम हैं।
- इस दिन यदि आप इस सजावट के साथ भक्ति-भाव से पूजा करेंगे तो घर में न केवल सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि आध्यात्मिक वातावरण भी अत्यंत पवित्र और शांतिमय हो जाएगा। ऐसा करने से भगवान कृष्ण विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं और भक्तों को अपनी कृपा से जीवनभर सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
2. बांसुरी से धन वृद्धि:
- श्रीकृष्ण की प्रिय बांसुरी केवल एक वाद्ययंत्र नहीं, बल्कि उनकी दिव्य लीला और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है।
- मान्यता है कि यदि आप श्रीकृष्ण की बांसुरी को पीले धागे से बांधकर घर के पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखते हैं, तो यह न सिर्फ़ घर में समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करती है, बल्कि परिवार के बीच प्रेम और एकता को भी मजबूत करती है।
- यह उपाय करने से घर में होने वाली कलह और अशांति दूर होती है, और वातावरण में मधुरता और शांति का संचार होता है, जैसे श्रीकृष्ण की बांसुरी की ध्वनि सुनकर गोपियाँ मंत्रमुग्ध हो जाती थीं। माना जाता है कि यह उपाय घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाकर वहां धन, सुख और सौभाग्य के द्वार खोल देता है।
3. गौमूत्र दीपक और तुलसी पूजन करें:
- यदि आप अपने घर की मुख्य झूला या पूजा चौकी पर गौमूत्र से निर्मित दीपक जलाकर उसमें तुलसी की पवित्र पत्तियाँ अर्पित करते हैं, तो यह साधारण क्रिया नहीं रहती, बल्कि एक ऐसा शक्तिशाली उपाय बन जाता है जो आपके जीवन में आध्यात्मिक शुद्धि, मानसिक संतुलन और अखंड सौभाग्य का संचार करता है।
- गौमूत्र को शास्त्रों में दिव्य औषधि और नकारात्मक ऊर्जा नाशक बताया गया है।
- जब इससे दीपक प्रज्वलित होता है तो वह घर के हर कोने से नकारात्मक तरंगों को मिटाकर वातावरण को शुद्ध करता है। वहीं तुलसी को भगवान विष्णु की प्रियतमा माना गया है, और उनकी पत्तियाँ दीपक में अर्पित करने से आपके घर में धन-धान्य की वृद्धि, संतान सुख और सुख-शांति का अखंड प्रवाह बना रहता है।
4. श्री विष्णु मंत्रों का जाप और करुणामृत गाय से लोकहित दान:
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का श्रद्धापूर्वक कम से कम 108 बार जाप करें।
- माना जाता है कि यह मंत्र स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य आह्वान है, जो साधक के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा, बाधाएँ और दुर्भाग्य को दूर करता है।साथ ही, गायों को हरा चारा खिलाना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
- शास्त्रों में कहा गया है कि ऐसा करने से न केवल भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है, बल्कि जीवन में करियर की स्थिरता, धन की प्रचुरता और समाज में सम्मान कई गुना बढ़ता है।
5. मोरपंख और फूलों से वास्तु पूजा:
- मोरपंख और ताजे फूल श्रीकृष्ण की तस्वीर या मूर्ति के पास अर्पित करें।
- वैदिक वास्तु शास्त्र के अनुसार यह साधारण सा दिखने वाला उपाय घर में अद्भुत सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
- मोरपंख भगवान कृष्ण का प्रिय माना गया है, और इसे उनके पास रखने से घर में वैभव, सौभाग्य, शांति और नए अवसरों की वर्षा होने लगती है।
- यह उपाय न सिर्फ वातावरण को पवित्र करता है, बल्कि आपके जीवन में सुख-समृद्धि और स्थायी सौभाग्य को भी आकर्षित करता है।
6. दही-माखन से श्रीकृष्ण अभिषेक और गूढ़ भोग:
- श्रीकृष्ण को उनके सबसे प्रिय दही-माखन से अभिषेक करना और थोड़ी मात्रा में गूढ़ भोग चढ़ाना, जीवन में अत्यंत शुभ फल देने वाला उपाय माना गया है।
- यह साधना विशेषकर करियर में उन्नति, स्वास्थ्य में मजबूती और जीवन में निरंतर प्रगति लाने वाली होती है।
- कहा जाता है कि श्रीकृष्ण के प्रिय दही-माखन से अभिषेक करने पर घर-परिवार में आर्थिक स्थिरता, प्रेम और सौभाग्य का वास होता है।