तिथि और काल
- इस दिन सुबह 02:47 बजे (लगभग) से शुरू होकर अगले दिन 02:29 बजे तक चतुर्थी तिथि रहेगी। यानी ज़्यादातर दिन पर यह चतुर्थी ही चलेगी। पक्ष:
- यह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है — यानी अमावस्या के बाद उगते चंद्र की चौथी तिथि। चतुर्थी का नाम:
- इस दिन को गणेश जयंती / विनायक चतुर्थी / गौरी-गणेश चतुर्थी भी कहा जाता है।

मुख्य पूजा मुहूर्त:
- शुभ पूजा समय लगभग 11:29 बजे से 01:37 बजे तक दोपहर में माना जाता है। भगवान गणेश जन्म/व्रत दिन:
- परंपरानुसार इस चतुर्थी को गणेश जी का जन्मोत्सव (Ganesh Jayanti) भी मनाया जाता है खासकर महाराष्ट्र, गोवा और दक्षिण के कई भागों में।
चतुर्थी का धार्मिक महत्व
चतुर्थी (Chaturthi) हिन्दू पंचांग में चौथी तिथि कहलाती है और इसे विघ्नहर्ता भगवान गणेश से जोड़ा जाता है — जिनके आते ही हर कार्य में बाधाएँ दूर हों, यही आशय होता है।
गणेश जयंती / विनायक चतुर्थी:
- यह दिन गणेशजी के जन्म के रूप में मनाया जाता है और भक्त गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता:
- चतुर्थी तिथि पर गणेश जी की पूजा से बुद्धि, समृद्धि, आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- विशेषकर विघ्न हरण-व्रत रखने से इच्छाएँ पूर्ण मानी जाती हैं।
पूजा विधि और साधारण नियम
सरल चरण:
सफाई: पूजा स्थान को साफ़ करें और गणेश की प्रतिमा/इमेज रखें।
स्नान और शुद्धि: सुबह स्नान करें, साफ कपड़े पहनें।
धूप-दीप: धूप, दीप और नैवेद्य (फल/मिष्टान्न) रखें।
मंत्र जप:
“ॐ गण गणपतये नमः” या
“ॐ विघ्नेश्वराय नमः”
का जप करें।
भोग: मोदक, लड्डू आदि भोग चढाएँ।
व्रत: यदि रख रहे हैं तो तिथि समाप्ति तक व्रत रखें और शाम में आरती करें।
ध्यान रहे: पूजा का शुभ समय स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अलग-अलग हो सकता है, इसलिए स्थानिक पंचांग देख लेना उत्तम है।
कहानी और अर्थ
चतुर्थी तिथि को विशेष रूप से गणेश जी से जोड़कर देखा जाता है क्योंकि वे सर्व विघ्नों के नाशक हैं और जीवन में सफलता के द्वार खोलते हैं।
शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर गणेश के साथ माता गौरी का प्रातः पूजा भी सुखद फल देती है।
इस दिन का पालन सरल पूजा विधि तथा भक्ति से किया जाता है — जिससे मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
संक्षेप में 22 जनवरी 2026
विषय विवरण
तिथि शुक्ल पक्ष चतुर्थी
शुभ आरंभ 22 जनवरी सुबह लगभग 02:47 बजे
अंत 23 जनवरी सुबह लगभग 02:29 बजे
मुख्य पूजा मुहूर्त करीब 11:29–13:37
पर्व गणेश जयंती / विनायक चतुर्थी
प्रमुख देव भगवान श्री गणेश


