17 जनवरी 2026 का ज्योतिष पंचांग और महत्व तिथि और नक्षत्र

तिथि: माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (पूरे दिन) — यह चतुर्दशी तिथि रात तक रहती है और फिर अमावस्या शुरू होती है।
नक्षत्र: सुबह तक मूल (Mool) नक्षत्र, उसके बाद पूर्वाषाढ़ा (Purva Ashadha) का प्रभाव रहता है।
चन्द्र राशि: चन्द्रमा धनु राशि में रहेगा (धनु का प्रभाव आध्यात्मिक और शोधात्मक ऊर्जा देता है)।
वार: शनिवार — शनि देव की तिथि, जो संयम, कर्म, अनुशासन और जीवन में संतुलन का प्रतिनिधित्व करता है।

17 जनवरी 2026 क्यों खास है?

इस दिन के कुछ महत्वपूर्ण ज्योतिषीय विशेषताएँ:

चतुर्दशी तिथि होने से यह दिन आध्यात्मिक साधना, पितृ कार्य, ध्यान-धारणा तथा पापों के निवारण का शुभ समय है।
शनिवार के प्रभाव से शनि देव की पूजा-अर्चना करने पर जीवन में बाधाओं का सामना करने की शक्ति और साहस प्राप्त होता है।
मूल नक्षत्र का प्रभुत्व सुबह तक कठिन कर्मों को सहन करने, आत्म-नियंत्रण और मानसिक दृढ़ता को बढ़ाता है।
इसके पश्चात पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र भगवान आदित्य और ऊर्जा से जुड़ा होता है, जिससे सच्चाई और विजय के संकेत मिलते हैं।

17 जनवरी 2026 के लिए विशेष ज्योतिष उपाय (उपाय) 1. शनिदेव की पूजा करें

शनि देव को जल, कच्चे सरसों के तेल का दीपक, काली उड़द व कड़वी गुड़ अर्पित करें।
सुबह या शनिवार संध्या में करें, इससे जीवन में बाधाओं का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

  1. चतुर्दशी तिथि पर पितृ तर्पण और दान

चतुर्दशी होने से पितृ तर्पण का विशेष महत्व है।
तर्पण सामग्री: तिल, जल, धूप-दीप
दान: तिल, चावल, सफेद वस्त्र, भोजन
इससे पितृदोष शांत होता है और मानसिक शांति मिलती है।

  1. शनिवार + धनु-चंद्र योग में मंत्र जाप

शनि देव तथा चंद्रमा को ध्यान में रखकर यह मंत्र जाप करें:
ॐ शं शनैश्चराय नमः
ॐ सोमाय नमः
दोनों मंत्रों के जाप से मानसिक संतुलन, संयम और शुभ-भाग्य में वृद्धि होती है।

  1. सत्पात्र में दान-पुण्य करें

काला जूता, काली मिठाई, तिल, चावल का दान
गरीबों को भोजन करवाना
शनिवार के दिन दान किये जाने से विशेष फल मिलता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *