3 मार्च होलिका:होली के पावन अवसर पर होलिका दहन की राख से किए गए उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं. इन सरल टोटकों से राहु-केतु दोष शांत होते हैं, वास्तु दोष दूर होता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है. सही विधि से उपाय अपनाकर सुख-समृद्धि पा सकते है
उज्जैन. होली का त्योहार खुशियों और रंगों से जुड़ा होता है, लेकिन इसकी शुरुआत होलिका दहन से होती है. होलिका दहन को बुराई और नकारात्मकता के अंत का प्रतीक माना जाता है. इस साल 03 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा. मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ आसान उपाय जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाते हैं. ज्योतिष के अनुसार, होलिका दहन की राख यानी भस्म का सही तरीके से उपयोग करने से कुंडली के दोष कम होते हैं और घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. अगर आप लंबे समय से बीमारी, तनाव या परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो ये सरल उपाय आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं.
क्या है 2026 का शुभ मुहूर्त:वर्ष 2026 में होलिका दहन के लिए रात्रि 12:50 बजे से 2:02 बजे तक का समय शुभ माना गया है। यह अवधि लगभग 1 घंटा 12 मिनट की है और इसे भद्रा पुच्छ काल बताया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार भद्रा पुच्छ काल में किए गए कार्य शुभ और स्वीकार्य माने जाते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। हालांकि यह आस्था और परंपरा से जुड़ा विषय है, इसलिए अंतिम निर्णय लेने से पहले स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि अवश्य कर लें

जरूर करे यह उपाय
राहु-केतु – यदि कुंडली में राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से बार-बार रुकावटें आ रही हों, तो होलिका दहन की भस्म को साफ जल में मिलाकर श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर अर्पित करें। मान्यता है कि यह सरल उपाय नकारात्मक प्रभाव को शांत करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है. इससे धन संबंधी परेशानियाँ कम होती हैं, मानसिक तनाव घटता है और कार्यों में सफलता के योग बनते हैं.
वास्तु दोष – अगर आपके घर में वास्तु दोष के कारण तनाव और नकारात्मक माहौल बना रहता है, तो होलिका दहन के बाद बची हुई राख का यह आसान उपाय अपनाएं. थोड़ी-सी राख लेकर घर के चारों कोनों में हल्का-हल्का छिड़क दें. मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता का संचार होता है. इस उपाय से वातावरण शांत रहता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.



