भगवान गणेश जी को “विघ्नहर्ता” और “सुखकर्ता” कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि सच्चे मन से गणेश जी की पूजा करने और उन्हें प्रिय भोग अर्पित करने से हर काम में सफलता मिलती है। आइए जानते हैं कि गणेश जी को कौन से भोग और प्रसाद सबसे अधिक प्रिय हैं और क्यों इन्हें चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।

- मोदक
- गणेश जी को मोदक अत्यंत प्रिय है, इसलिए इन्हें “मोदकप्रिय” भी कहा जाता है।
- मोदक को प्रसाद के रूप में अर्पित करने से ज्ञान, समृद्धि और खुशहाली आती है।
- खासकर गणेश चतुर्थी पर मोदक का विशेष महत्व होता है।
2. लड्डू
- बूंदी और बेसन के लड्डू गणेश जी को बहुत पसंद हैं।
- लड्डू का गोल आकार जीवन में पूर्णता और संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
- मान्यता है कि लड्डू चढ़ाने से घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि बढ़ती है।
3. दूर्वा घास
- गणेश जी को दूर्वा (हरी घास) चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।
- यह भोग साधारण होते हुए भी गणेश जी की पूजा का अनिवार्य हिस्सा है।
- दूर्वा अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता आती है।
4. फल और नारियल
- पूजा में ताजे फल और नारियल चढ़ाने का विशेष महत्व है।
- यह जीवन में पवित्रता, शांति और संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं।
- नारियल फोड़कर अर्पित करना अहंकार का त्याग करने का संदेश भी देता है।
5. गुड़ और पान के पत्ते
- गुड़ अर्पित करने से जीवन में मिठास और रिश्तों में प्रेम बढ़ता है।
- पान के पत्ते गणेश जी को अत्यंत प्रिय हैं और ये पूजा में शुभ माने जाते हैं।
- यह स्वास्थ्य और अच्छे भाग्य का प्रतीक है।
6. शुद्ध घी और दूध से बनी मिठाइयाँ
- गणेश जी को शुद्ध घी और दूध से बनी मिठाइयाँ जैसे पेड़ा और बर्फी अर्पित करना शुभ है।
- इससे भक्त के जीवन में समृद्धि और शांति आती है।