कालाष्टमी का दिन केवल पूजा का नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का अवसर है। अगर आप सच्चे मन और श्रद्धा से इन आसान उपायों करते हैं, तो भगवान कालभैरव की कृपा से जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानी भी दूर हो सकती है।
कालाष्टमी पर किए जाने वाले विशेष उपाय कौन-कौन से है?
कालाष्टमी के दिन ये उपाय करने से तुरंत सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं:

कालभैरव की पूजा जरूर करें
सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। भगवान कालभैरव की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं। उन्हें काले तिल, सरसों का तेल, उड़द की दाल और नींबू अर्पित करें। इससे नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।
कुत्ते को भोजन कराएं
कालभैरव का वाहन कुत्ता माना जाता है। कालाष्टमी के दिन कुत्ते को रोटी, दूध या बिस्किट खिलाएं। यह उपाय जीवन के बड़े संकटों को टालने में मदद करता है।
करें मंत्र का जाप
इस दिन कम से कम 108 बार “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का जाप करें। इससे मन का डर दूर होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
सरसों के तेल का दीपक जलाएं
शाम के समय पीपल के पेड़ या मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। आर्थिक तंगी और नौकरी-व्यापार की रुकावटें दूर होती हैं।
करें दान !
कालाष्टमी के दिन कंबल, काले कपड़े या काले तिल का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे शनि और राहु से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं।
शराब, मांस और गलत कामों से दूरी रखें
इस दिन सात्विक जीवन अपनाएं। पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है और घर में सकारात्मकता बनी रहती है।
कालाष्टमी उपायों के लाभ क्या है?
कालाष्टमी के दिन कालभैरव को खुश करने से हर तरह के संकट और भय से मुक्ति मिलती है।
कामकाज जैसे नौकरी और व्यापार में तरक्की मिल सकती है।
शत्रु बाधा और नजर दोष से राहत मिलने में सहायता होती है।
इसके अलावा मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि होती है।


